Hindi Poems On Life

July 15, 2022
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Hindi Poems On Life : Poem on Life in Hindi  दोस्तों आज हमने जिंदगी पर कविताएँ लिखी है, जिंदगी भर का सफर हम कब तय कर लेते हैं पता ही नहीं चलता है इस जिंदगी को कैसे जीना है हम भूल जाते हैं जिंदगी पर कविताओं के माध्यम से जिंदगी कैसी होती है यह बताने की कोशिश की है.

Hindi Poems On Life

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Hindi Poems On Life

Hindi Poems On Life


तु मेरे रब की तरह
देख के तुझे कितना सुकून मुझे मिलता है
ये सिर्फ मैं जानता हूँ।

हैं तु क्या चीज,
ये सिर्फ मैं जानता हूँ।

हैं तेरा क्या वजूद इस जहा में
ये सिर्फ मैं जानता हूँ।

भले ही कुछ ना हो तु ,
दुनिया की नजरों मे
क्या है तेरा वजूद,
ये सिर्फ मैं जानता हूँ।

सिखा है मैंने तुझसे बहुत कुछ,
क्या है तु ये सिर्फ मैं जानता हूँ।

दिया है तुने मुझे कितना,
क्या है तेरे पास ये सिर्फ मैं जानता हूँ।

हैं तेरा ही अहसास इस दिल को,
प्यार हैं या कुछ ओर ये सिर्फ मैं जानता हूँ।

समायी है तु मेरी हर ख्वाईशों में,
हैं तु मेरे रब की तरह,
ये सिर्फ मैं जानता हूँ।


एक दोस्त ऐसा भी हो, जो सिर्फ मेरा हो
एक दोस्त ऐसा भी हो,
जो सिर्फ मेरा हो…
मैं रोऊ तो मुझे हँसाए,
मैं रूठू तो मुझे मनाए,

मेरे हर एक दुख में मेरे साथ हो,
मेरी हर एक खुशी में मेरे साथ हो,
मेरे बिन बोले मेरी बात समझे,
मेरे बिन बोले मेरे दर्द को महसूस करें।

हां एक दोस्त ऐसा भी हो,
जो मेरी हंसी के पीछे छिपे दर्द को पहचान ले,
जो मेरे गिरने से पहले
मेरा हाथ थाम ले, मुझे संभाल ले।

हां एक दोस्त ऐसा भी हो,
जो जिंदगी की कठिन राह पर,
मेरा मार्गदर्शक बने।
जो दुनिया की भीड़ में,
मुझे तन्हा न छोड़े।
जो अंधेरे में मेरी रोशनी बने,
हां एक दोस्त ऐसा भी हो।

हां एक दोस्त ऐसा भी हो,
जिसका साथ पाकर मैं
हर गम भूल जाऊं,
जो मेरे साथ चले तो लगे,
जैसे कि मेरी ही परछाई।

एक दोस्त ऐसा भी हो,
जो मुझे खोने से डरे,
जिसे मेरी कमी महसूस हो,
जब मैं उसके साथ ना हूँ तो,
हां एक दोस्त ऐसा भी हो,
जो मुझसे कभी नाराज ना हो।
हां एक दोस्त ऐसा भी हो,
जो सिर्फ मेरा हो, सिर्फ मेरा।

~ ऋचा गर्ग


नज़रें चुरा रहा हूँ मैं
तेरे चेहरे की चमक बेहिसाब,
दिन-रात इसे ही निहार रहा हूँ मैं…

तुझे खबर लगे देखने की तुझको,
इससे पहले ही नज़रें चुरा रहा हूँ मैं…

तेरे सामने दिल बदमाश बन जाता हैं बेवक्त,
इसे इंतज़ार की तस्सली देकर ही सुधार रहा हूँ मैं…

ये कैसी ख़ता तुझसे इश्क़ करने की,
इस ख़ता को खुद ही सबसे बता रहा हूँ मैं…

जिन्हें शक हैं हमारे रिश्ते को लेकर,
उन कमबख्तों का हर सवाल मिटा रहा हूँ मैं…

आसमां में देखा था मैंने कभी तुझे,
आज अपने संग जमीं पर उतार रहा हूँ मैं…

तेरे चेहरे की चमक बेहिसाब,
दिन-रात इसे ही निहार रहा हूँ मैं…

तुझे खबर लगे देखने की तुझको,
इससे पहले ही नज़रें चुरा रहा हूँ मैं…

~ Monu yadav


कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,

फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,

एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी

हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,

मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।


बचपन बीत गया | Poems of Life in Hindi
बचपन बीत गया लड़कपन में ।
जवानी बीत रही घर बनाने में।।

जंगल सी हो गई है जिंदगी ।
हर कोई दौड़ रहा आंधी के गुबार में।।

हर रोज नई भोर होती ।
पर नहीं बदलता जिंदगी का ताना बाना।।

सब कर रहे हैं अपनी मनमानी ।
लेकिन जी नहीं रहे अपनी जिंदगानी।।

कोई पास बुलाए तो डर लगता है ।
कैसी हो गई है यह दुनिया बेईमानी।।

सफर चल रहा है जिंदा हूं कि पता नहीं ।
रोज लड़ रहा हूं चंद सांसे जीने के लिए।।

मिल नहीं रहा है कोई ठिकाना ।
जहां दो पल सिर टिकाऊ।।

ऐसे सो जाऊं की सपनों में खो जाऊं।
बचपन की गलियों में खो जाऊं।।

वो बेर मीठे तोड़ लाऊं ।
सूख गया जो तालाब उसमें फिर से तैर आऊं।।

मां की लोरी फिर से सुन आऊं ।
भूल जाऊं जिंदगी का ये ताना बाना।।

देर सवेर फिर से भोर हो गई ।
रातों की नींद फिर से उड़ गई।।

देखा था जो सपना वो छम से चूर हो गया ।
जिंदगी का सफर फिर से शुरू हो गया।।

आंखों का पानी सूख गया ।
चेहरे का नूर कहीं उड़ सा गया।।

अब जिंदगी से एक ही तमन्ना ।
सो जाऊं फिर से उन सपनों की दुनिया में।।

चल सपने पूरा करे- सपनों पर सुन्दर कविता

बारिश पर प्यारी कविताएँ

Author -– नरेंद्र वर्मा


2. Poem on truth of life in hindi : ऐसे ही जिये जाने को दिल करता है
कभी अपनी हंसी पर आता है गुस्सा।
कभी सारे जहां की हंसाने का दिल करता है।।

कभी छुपा लेते है गम की दिल के किसी कोने में।
कभी किसी को सब कुछ सुनाने का दिल करता है।।

कभी रोते नही लाख दुःख आने पर भी।
और कभी यूँ ही आंसू बहाने को दिल करता है।

कभी अच्छा सा लगता है आज़ाद घूमना,लेकिन
कभी किसी की बाहीं में सिमट जाने को दिल करता है।।

कभी कभी सोचते है नया हो कुछ जिंदगी में।
और कभी बस ऐसे ही जिये जाने को दिल करता है।।


3. Poems About life in Hindi : लगता है ये संसार बस संसार है
कभी लगता है इस जिन्दगी में खुशियां बेशुमार है,
तो कभी लगने लगता है जिन्दगी ही बेकार है।
कभी लगता है लोगो में बहुत प्यार है,
तो कभी लगता है रिश्तों में सिर्फ दरार है ।
कभी लगता है हम भी जिन्दगी जीने के लिए बेकरार है ,
तो कभी कभी लगता है सिर्फ हमे मौत का इंतजार है ।
कभी लगता है हमको भी उनसे प्यार है,
तो कभी लगता है सिर्फ प्यार का बुखार है।
कभी लगता है शायद उनको भी हमसे इजहार है,
फिर लगता है हम दोनों में तो सिर्फ तकरार है ।
कभी लगता है सब अपने ही यार है,
फिर लगता है इनमें भी छिपे गद्दार है ।
कभी लगता है कितना प्यारा संसार है ,
तो कभी लगता है ये संसार बस संसार है ।


4. Hindi Poetry on Life : मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर
तू जिंदगी को जी
उसे समझने की कोशिश न कर

सुंदर सपनो के ताने बाने बुन
उसमे उलझन की कोशिश न कर

चलते वक्त के साथ तु भी चल
उसमें सिमटने की कोशिश न कर

अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले
अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर

मन में चल रहे युद्ध को विराम दे
खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर

कुछ बाते भगवान पर छोड़ दे
सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर

जो मिल गया उसी में खुश रह
जो सूकून छीन ले वो पाने कोशिश न कर

रास्ते की सुंदरता का लुफ्त उठा
मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर।


5. Hindi Poem On Life : ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी
एक दिन सपना नींद से टूटा
खुशी का दरवाजा फिर से रूठा

मुड़ कर देखा तो वक्त खड़ा था
जिंदगी और मौत के बीच पड़ा था

दो पल ठहर के मेरे पास वह आया
पूछा मिली थी जो खुशी उसे क्यों ठुकराया

ऐसे में जब मैं हल्का सा मुस्कुराया
नजरें उठाई और तब सवाल ठुकराया

जवाब सुनकर वह भी रोने लगा
कहीं ना कहीं मेरे दर्द में खोने लगा

मेरे भाई हसा नहीं कभी खुद के लिए
जिया हो जिंदगी पर ना कभी अपने लिए

इस खुशी का एक ही इंसान मोहताज था
मेरी जान मेरी धड़कनों का वो ताज था..

आखिर खत्म हो गया एक किस्सा मेरी जिंदगानी का
पर नाज रहेगा हमेशा अपनी कहानी पर।


6. Best Short Kavita In Hindi : माना इक कमी सी है,जिंदगी थमीं सी हैं
Hindi Poems on life #2
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जो छूट गया उसका क्या मलाल करें,
जो हासिल है,चल उस से ही सवाल करें !!

बहुत दूर तक जाते है, याँदो के क़ाफ़िले,
फिर क्यों पुरानी याँदो मे सुबह से शाम करें ।

माना इक कमी सी है,जिंदगी थमीं सी हैं,
पर क्यों दिल की धड़कनों को दर-किनार करें!!

मिल ही जाएगा जीने का कोई नया बहाना,
आ ज़रा इत्मीनान से किसी ख़ास का इंतज़ार करें !!


7. Hindi Poems on Zindagi : ख़ुद पे भरोसा रखना
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना

उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना

आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना

बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना

क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना

वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना


8. Hindi Kavita On Life : रोज़ बेवजह मरते जा रहे हैं
लोग क्या कहेंगे इस बात पर हम
कुछ यूँ उलझते जा रहे हैं।
दिल कुछ और करना चाहता है।
हम कुछ और ही करते जा रहे हैं।

सोचते हैं वक़्त बहुत है हमारे पास
इतनी भी क्या जल्दी पड़ी है
अभी औरों के हिसाब से चल लें
ख़ुद के लिए तो सारी उम्र पड़ी है।

दिल और दिमाग़ की इसी कश्मकश में
ज़िन्दगी के पन्ने बड़ी रफ़्तार से पलटटे जा रहे हैं।
उतना तो हम जीए ही नहीं अभी तक
जितना हम हर रोज़ बेवजह मरते जा रहे हैं।


9. ज़िन्दगी पर कविताएँ : कभी खुद से भी मिला कीजिये
न चादर बड़ी कीजिये,
न ख्वाहिशें दफन कीजिये,
चार दिन की ज़िन्दगी है,
बस चैन से बसर कीजिये…

न परेशान किसी को कीजिये,
न हैरान किसी को कीजिये,
कोई लाख गलत भी बोले,
बस मुस्कुरा कर छोड़ दीजिये…

न रूठा किसी से कीजिये,
न झूठा वादा किसी से कीजिये,
कुछ फुरसत के पल निकालिये,
कभी खुद से भी मिला कीजिये..


10. Hindi Poems On Life by famous poets : हरिवंशराय बच्चन कविता
मंजिल मिले ना मिले
ये तो मुकदर की बात है!
हम कोशिश भी ना करे
ये तो गलत बात है…

जिन्दगी जख्मो से भरी है,
वक्त को मरहम बनाना सीख लो,
हारना तो है एक दिन मौत से,
*फिलहाल जिन्दगी जीना सीख लो!!


11. जिंदगी पर हिंदी कविताएं : अवश्य जिंदगी का पड़ाव मिलेगा
Hindi Poems on life #3
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ह्रदय स्पर्श करने वाली कविता…..

जब तक चलेगी जिंदगी की सांसे,
कहीं प्यार कहीं टकराव मिलेगा।
कहीं बनेंगे संबंध अंतर्मन से तो,
कहीं आत्मीयता का अभाव मिलेगा
कहीं मिलेगी जिंदगी में प्रशंसा तो,
कहीं नाराजगियों का बहाव मिलेगा
कहीं मिलेगी सच्चे मन से दुआ तो,
कहीं भावनाओं में दुर्भाव मिलेगा।
कहीं बनेंगे पराए रिश्तें भी अपने तो
कहीं अपनों से ही खिंचाव मिलेगा।
कहीं होगी खुशामदें चेहरे पर तो,
कहीं पीठ पे बुराई का घाव मिलेगा।
तू चलाचल राही अपने कर्मपथ पे,
जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा।
रख स्वभाव में शुद्धता का ‘स्पर्श’ तू,
अवश्य जिंदगी का पड़ाव मिलेगा


12. Life Poems In Hindi : खुद में पहले इंसान ढूंढे
अब कौन रोज़ रोज़ ख़ुदा ढूंढे,
जिसको न मिले वही ढूंढे ..

रात आयी है, सुबह भी होगी,
आधी रात में कौन सुबह ढूंढे..

जिंदगी है जी खोल कर जियो,
रोज़ रोज़ क्यों जीने की वजह ढूंढ़े..

चलते फिरते पत्थरों के शहर में,
पत्थर खुद पत्थरों में भगवान ढूंढ़े..

धरती को जन्नत बनाना है अगर,
हर शख्स खुद में पहले इंसान ढूंढे…!!!


13. Poems About Life And love in Hindi : लगाव दिख रहा हैं
बेशक तेरी जिंदगी में आज बदलाव दिख रहा हैं।
पर तेरी बातों में आज भी एक घाव दिख रहा हैं…

लाख दावे कर रहें हो तुम उसे भुला देने के
पर तेरी आँखों में उसके लिए लगाव दिख रहा हैं..

सच जानती है दुनिया फिर भी छुपा रहे हो ,
जाने किसका ये तुम पर दबाव दिख रहा हैं…

तुम कहते हो की खुश हो बगैर उसके जिंदगी में
फिर ये चेहरे पर तुम्हारे कैसा तनाव दिख रहा हैं..


14. Zindagi Poems In Life : जिंदगी में भी वो लम्हा आयेगा
अजीब सी कशमकश है जिंदगी की
आज क्या है और कल क्या हो जाएगी!

एक पल में बदल जाती है जिंदगी यहां
जो है राहें वो कल कहां नजर आयेंगी!

धुंधला धुंधला सा है शमा आज यहां
जो लम्हा है संग वो भी गुजर जायेगा!

पर थोड़ी उम्मीद तो अभी बाकी है।
कि ये जीवन मेरा भी संभल जाएगा!

कभी कोई तो होगा मेरा भी जीवन में
जो यहां मेरा सिर्फ मेरा कहलाएगा!

सहारा बनेगा मेरा वो इस जीवन में
मेरी जिंदगी में भी वो लम्हा आयेगा!


15. Hindi Poem On Life : ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी
‘ऐ जिन्दगी इतना क्यों रुलाए जा रही है।
फिर भी क्या आजमाएं जा रही है!!

‘चल तो रहे हैं तुम्हारी ही शर्तों पर
फिर भी क्या समझाए जा रही है!!

‘तेरी ही क़लम की लिखावट है, मेरी
सांसों पर फिर भी क्यों सताए जा रही है!!

‘मैं हार जाऊं तुझ से इसलिए, तूं
हर रोज़ अदालत बैठाए जा रही है!!

‘ऐ जिंदगी है तो तूं मेरी ही
फिर भी क्यों रुलाए जा रही है!!


16. Hindi Poem For Life : ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी
Hindi Poems on life #4
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सोचता हूं मैं अक्सर क्या जिंदगी यही है।
सब कुछ तो है पास पर कुछ भी नहीं है

कहने को तो सारी दुनिया ही अपनी है।
पर इस दुनिया में कोई भी अपना नहीं है

रिश्ते रह गए हैं बस नाम के दुनिया में
अपना पन अब कहीं बचा ही नहीं है

जीवन में उलझन ही उलझन हैं।
क्या इनका कोई हल ही नहीं है

यहां झूठ फरेब का जोर है हर सु
क्या इंसान कुछ समझता नहीं है..


17. Best Hindi Poetry Lines : छांव भी जरूरी है
ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!

हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!


18. Hindi Poems on life values : कविता – समझ लेना
ज़िन्दगी के किसी दौर में
जब तुम खुद को अकेले पाओ,
तो खुद को चाँद समझ लेना
जो अकेले ही स्याह रातों को उजियारीत करता है….

जब मंज़िल दूर लगे
और पग पग पर भी ठोकर लगे,
तो खुद को दीवार पर चढ़ती नन्ही चींटी समझ लेना
जो सौ बार फिसलती है पर हिम्मत नही खोती है…..

जब राहों में कॉँटे ही काँटे हो
और मुश्किलों के पत्थर राह रोकें हो,
तो खुद को वो शिल्पकार समझ लेना
जो पत्थर को तराशकर ईश्वर बना दे….

जब हो रहा हो मन हताश
और विश्वास में न रहे कोई आस,
तब खुद को बच्चा समझ लेना
और हर मन को सच्चा समझ लेना….


19. Hindi Poetry On Love : ज़िन्दगी सी लगती है
एक तुम जो मुस्कुराते हो तो,
ज़िन्दगी, ज़िन्दगी सी लगती है

एक तेरे होने से मुझे
जीने की वजह मिलती है..

रूह तक कांप जाती है,
तेरे ना होने के ख्याल को सोचकर ही,

एक तेरी ख़ामोशी मुझे बड़ी चुभती है,
एक तेरे होने से ज़िन्दगी, जिंदगी सी लगती है।


20. Hindi Poems On Life : ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी
कोई अपना अपना न रहा
कोई सपना सपना न रहा।
पर कुछ सपनों के मर जाने से जीवन
नहीं मरा करता है।
कुछ पानी के बह जाने से सावन नहीं
मरा करता हैं।
यू तो बचपन के खिलौंने
देखकर आंखे भर आती है।
कुछ खिलौनो के खो जाने से
बचपन नहीं मरा करता है।
ये जिन्दगी हैं जनाब यहां तो
कुछ रिश्ते झूठे हैं,
कुछ रिश्ते सच्चे हैं,
पर कुछ मुखड़ों की नाराजी से
दर्पण नहीं मरा करता है।


21. Hindi Poem On Life And Death : किसी शायर ने मौत को क्या खूब कहा है…
Hindi Poems on life #5
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जिंदगी में दो मिनट कोई मेरे पास ना बैठा,
आज सब मेरे पास बैठे जा रहे है..

कोई तोहफा ना मिला आज तक,
और आज फूल ही फूल दिए जा रहे है…

तरस गए थे हम किसी एक हाथ के लिए,
और आज कन्धे पे कन्धे दिए जा रहे थे…

दो कदम साथ चलने को तैयार ना था कोई,
और आज काफिला बन साथ चले जा रहे थे…

आज पता चला की मौत कितनी हसीन थी,
कम्बख़्त हम तो यूँ ही जिंदगी जिये जा रहे थे…


22. Hindi Poems On Life : ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी
गुजर रही है उम्र,
पर जीना अभी बाकी हैं।
जिन हालातों ने पटका है जमीन पर,
उन्हें उठकर जवाब देना अभी बाकी हैं।

चल रहा हूँ मन्जिल के सफर मैं,
मन्जिल को पाना अभी बाकी हैं,
कर लेने दो लोगों को चर्चे मेरी हार के,
कामयाबी का शोर मचाना अभी बाकी है।

वक्त को करने दो अपनी मनमानी,
मेरा वक्त आना अभी बाकी है,
कर रहे है सवाल मुझे जो loser समझ कर,
उन सबको जवाब देना अभी बाकी है।

निभा रहा हूँ अपना किरदार जिदंगी के मंच पर
परदा गिरते ही तालीयाँ बजना अभी बाकी है,
कुछ नहीं गया हाथ से अभी तो, दीप
बहुत कुछ पाना बाकी हैं…


23. Hindi Poem On Life : ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी
“ चोट “
जिंदगी में गर सोचिए तो
कुछ कभी पूरा होता नहीं…
अपनों से जब चोट लगती
आदमी खुलकर रोता नहीं…
मीठे फल जो खाना चाहे
वो कड़वे बीज बोता नहीं…
चिंताओं की उधेड़बुन में
कोई रात भर सोता नहीं…
जो हमेशा है दिख रहा
वो वास्तव में होता नहीं…
जो वास्तव में सदा होता
वो सामने से दिखता नहीं…
पूर्णविराम रखे उड़ान पर
उड़ने से कुछ मिलता नहीं…
हमेशा खुशी से ही हम रहे
दुःखी कभी हँस पाता नहीं…
गोपाल✍🏻


24. Poems On Life : अब तन्हाइयां अच्छी लगने लगी है..
अब तन्हाइयां अच्छी लगने लगी है..
मुझे तन्हा ही रहने दो।
क्या कहती है दुनियां अब प्रवाह नहीं मुझको।
जिसको जो कहना है कहने दो।
अब तन्हाइयां अच्छी……

भागदौड़ का वक्त जाता रहा।
बचपन गया जवानी गई।
अब समझने लगे हैं कुछ कुछ दुनियां को।
ख़ामोश रहने दो।
अब तन्हाइयां अच्छी….

मनोज एक दौर था।
बहुत भाग-दौड़ थी जिंदगी में।
हलचल थी, बेचैनी थी,
बेकरारी थी जिंदगी में।
अच्छा भी लगता था।
पर अब दिल कहता है बस,
रहने दो।
अब तन्हाइयां अच्छी…..

WRITER MANOJ✍🏻


25. Hindi Poems On Life : उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे
कहाँ तक ये मन को अंधेरे छलेंगे
उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे

कभी सुख कभी दुख, यही जिंदगी हैं।
ये पतझड़ का मौसम घड़ी दो घड़ी हैं।
नये फूल कल फिर डगर में खिलेंगे
उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे

भले तेज कितना, हवा का हो झोंका
मगर अपने मन में तू रख ये भरोसा
जो बिछड़े सफ़र में तुझे फिर मिलेंगे
उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे

कहे कोई कुछ भी, मगर सच यही है।
लहर प्यार की जो कहीं उठ रही है।
उसे एक दिन तो किनारे मिलेंगे
उदासी भरे दिन कहीं तो ढलेंगे ।।


26. Best Hindi Poetry on life values : मै जो चाहता हूँ वो क्यों नहीं होता
Hindi Poems on life values #6
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किसी दिन जिंदगानी में करिश्मा क्यूँ नहीं होता
मैं हर दिन जाग तो जाता हूँ ज़िंदा क्यूँ नहीं होता

मिरी इक जिंदगी के कितने हिस्से-दार हैं लेकिन
किसी की ज़िंदगी में मेरा हिस्सा क्यूँ नहीं होता

जहाँ में यूँ तो होने को बहुत कुछ होता रहता है
मैं जैसा सोचता हूँ कुछ भी वैसा क्यूँ नहीं होता

हमेशा तंज़ करते हैं तबीयत पूछने वाले
तुम अच्छा क्यूँ नहीं करते मैं अच्छा क्यूँ नहीं होता

ज़माने भर के लोगों को किया है मुब्तला तू ने
जो तेरा हो गया तू भी उसी का क्यूँ नहीं होता।


27. Famous Hindi Poems on life : तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं – हिंदी कविताएँ
जिंदगी देने वाले, मरता छोड़ गये,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये,
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले, रास्ता मोड़ गये…

गुनाह करके सज़ा से डरते हैं,
जहर पी के दवा से डरते हैं,
दुश्मनों के सितम का खौफ नहीं,
हम तो दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं।

कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको,
चलो ऐसा करो भूला दो मुझको,
तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये
दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको.

ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक हैं,
तू सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक हैं,
वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी,
हमें तो देखना है, तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं।

जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं
क्या समझते हो उसे कोई गम नहीं
तुम तड़प कर रो दिये तो क्या हुआ
गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं।।


28. Best Hindi Poetry on love life : रिश्ते को विवाह का उपनाम नहीं दे पाता
वो नाम तो जोड़ता है मेरा अपने साथ,
पर इस रिश्ते को कोई नाम नहीं दे पाता।

मोहब्बत तो उसे बेइंतहा बेहिसाब है मुझसे,
पर अफसोस मोहब्बत को अंजाम नहीं दे पाता।

कहता है जान जान अक्सर तन्हाई में मुझे,
हूँ जान उसकी ये शीर्ष सरेआम नहीं दे पाता

ज़िम्मेदारियाँ है मोहब्बत के कंधों पर बहुत,
वो मिलने तो आता है पर एक शाम नहीं दे पाता।

जकड़ा है जाति-धर्म की बेड़ियों ने उसे,
मजबूरियों के लिए किसी को इल्ज़ाम नहीं दे पाता।

मन की डोर ने बांध रखा है हमें एक-दूजे से,
पर इस बंधन को वो विवाह का उपनाम नहीं दे पाता।
-Mishta prajapati


29. Best Hindi Poems on truth of life : जिंदगी है चार दिन की – हिंदी कविताएँ
जिंदगी है चार दिन की चार दिन के हैं फसाने…
बस यूं ही कट जाएगी ये कोई माने या ना माने !

लोग भी तो जो साथ हैं साथ छोड़ जायेंगे सारे…..
यहां ना कोई साथ गया है कितने गुजरे जमाने !

कुछ को हैं गिले किसी से कुछ को शिकवे पुराने.
गिलें शिकवों में जो रूठे एकबार फिर कहां है माने !

क्या साथ लेकर थे आए क्या साथ लेकर है जाना….
कर लो सब अरमान पूरे गम यहीं पर है रह जाने !

जियो जीवन को हर पल जैसे ये पल आख़िरी हो .
सब को कहां मिल पाते हैं जीवन के छुपे खज़ाने !
– बबिता “राही”


30. hindi Poetry On Love life by famous poets : तुम दूर ही सही तुमसे मिलता हूँ मैं हर रोज
तुम दूर ही सही तुमसे मिलता हूँ मैं हर रोज,
तेरे शहर में सूरज चाँद सा चमकता हूँ मैं हर रोज!!
बड़े शिद्त से जीने लगा हूँ मैं तुझमें रात दिन,
तुझे पता ही नहीं तेरे सांसो मे महकने लगा हूँ मैं हर रोज!!
तुम दूर ही सही….

तुम बेबाक हंसकर गुजर जाते हो दिल से मेरे,
बहुत देर तक खोजता दिल तुमको दिल से मेरे!!
तुम्हें पाने की ख़ुशी में यादों से दूर निकल जाता हूँ,
कम्बख्त दिल ही तो है तेरी गली से गुजर जाता हूँ मैं!!
तेरी जिंदगी गीतो सी बनकर उतर गयी यहाँ,
तेरे दर्द को सरगम से पिरोकर गीत गाता हूँ मैं हर रोज!!
तुम दूर ही सही….

हर शक्स से मुस्करा कर न मिला करो यहाँ,
“आदमी”हो आदमी सा रहा करो यहाँ!!
तेरी चंचल सी हँसी से परेशान है ये शहर,
तू सूरज सा उगती है चाँद सा ढलता हूँ मैं हर रोज,
तेरी सलामती की दुआ करता हूँ मैं हर रोज!!
तू दूर ही सही.. पर तुमसे मिलता हूँ मैं हर रोज!!
– mitthu


31. Sad hindi Poetry On life for women : किस किस ने कुचला है मेरे अरमान बताऊ क्या
किस किस ने कुचला है मेरे अरमान बताऊ क्या?
अपनी जिंदगी की किताब खोलूं,
और एक एक पन्ना पढ़कर सुनाऊं क्या?
जिस आंगन में बचपन खेला वो मेरा नहीं था।
जो अपना घर है
उस घर की परेशानी बताऊं क्या?
सबकी नज़र में मेरा खामोश रहना बेहतर है।
मैं घुंघट हटा दें।
आंखों से बहता पानी दिखाऊं क्या?
किसी को नहीं जानना समझना मेरी भी कुछ चाहत है।
कभी कभी सोचती हूं।
दीवारों से सर टकराऊं क्या?
किस किस ने….


32. Beautiful hindi Poetry On life : जी भर आता है तो रो देते हैं गम नहीं रखते – हिंदी कविता
Hindi Poetry on life values #7
Hindi Poetry on life values
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सीधे सादे से हैं कुछ पेंच-ओ-खम नहीं रखते
जी भर आता है तो रो देते हैं गम नहीं रखते।

खुली क़िताब हैं हम, पर्दादारी नहीं है कोई
जो कहना है कह देते हैं, भरम नहीं रखते।

दर्द जिसका हो छलकती है आंख अपनी भी
हो दुआ या कि मोहब्बत हो कम नहीं रखते।

दुश्मनी नफरत गिला या कि शिक़वा दिल में
रखने वाले छुपा के रखते हों हम नहीं रखते।

खुश तो हो लेते हैं याद करके मुरव्वतें उनकी
बेदिली को भूल जाते हैं आँख नम नहीं रखते।


33. Beautiful hindi Poetry On relationship : हाँ मुझको एक ऐसे साथ की जरूरत है।
हाँ मुझको एक ऐसे साथ की जरूरत है।

जो मुझे कभी टूटने ना दे।
जिंदगी से मुझे रूठने ना दे।
हर कोई छोड़ दें साथ मेरा।
वो अपना हाथ छूटने ना दे।

हाँ मुझको एक ऐसे साथ की जरूरत है।

जो कहे मुझसे घबराना मत।
जो कहे मुझसे हार जाना मत।
दर्द मिलेंगे तुमको हजारों अभी।
आंखों में आँसू कभी लाना मत।

हाँ मुझको एक ऐसे साथ की जरूरत है।

जो मेरे हारने पर भी हाथ थाम ले।
मेरे दिल का दर्द बिन कहे पहचान ले।
हो जाऊं गुमनाम मैं इस दुनिया में।
लेकिन वो बहुत प्यार से मेरा नाम ले।

हाँ मुझको एक ऐसे साथ की जरूरत है।


34. New hindi Poetry On life values : ज़िन्दगी जीने के लिये भी वक्त नहीं
हर खुशी है लोगों के दामन में,
पर एक हँसी के लिये वक्त नहीं,
दिन रात दौड़ती दुनिया में,
ज़िन्दगी के लिये ही वक्त नहीं।
माँ की लोरी का एहसास तो है,
पर माँ को माँ कहने का वक्त नहीं,
सारे रिश्तों को तो हम मार चुके,
अब उन्हें दफनाने का भी वक्त नहीं।
सारे नाम मोबाईल में है,
पर दोस्ती के लिये वक्त नहीं,
गैरों की क्या बात करें,
जब अपनों के लिये ही वक्त नहीं।
आँखों में है जींद बड़ी,
पर सोने का वक्त नहीं
दिल है गमों से भरा हुआ,
पर रोने का भी वक्त नहीं।
पैसों की दौड़ में ऐसे दौंड़े,
कि थकने का भी वक्त नहीं
पराये एहसानों की क्या कद्र करें,
जब अपने सपनों के लिये ही वक्त नहीं।
तु ही बता ए ज़िन्दगी,
इस ज़िन्दगी का क्या होगा?
कि हर पल मरने वालों को,
जीने के लिये भी वक्त नहीं…


35. True hindi Poems On life : घर बनाने में वक़्त लगता है
घर बनाने में वक़्त लगता है।
पर मिटाने में पल नहीं लगता
दोस्ती बड़ी मुश्किल से बनती हैं।
पर दुश्मनी में वक़्त नहीं लगता
गुज़र जाती है उम्र रिश्ते बनाने में
पर बिगड़ने में वक़्त नहीं लगता
जो कमाता है महीनों में आदमी
उसे गंवाने में वक़्त नहीं लगता
पल पल कर उम्र पाती है जिंदगी
पर मिट जाने में वक़्त नहीं लगता
जो उड़ते हैं अहम के आसमानों में
जमीं पर आने में वक़्त नहीं लगता
हर तरह का वक़्त आता है ज़िंदगी में
वक़्त के गुज़रने में वक़्त नहीं लगता…!!


36. Hindi Poems On life Inspiration : खुद को ढूढना अभी बाकी है
दर्द जो कहना अभी बाकी है,
बहुत सहा पर और सहना अभी बाकी है,
करते रहे खिदमत सभी की,
पर खुद की खिदमत करना अभी बाकी है,
जिये तो बहुत सबके लिए
पर अपने लिए जीना अभी बाकी है,
तोहमत है कि खुदगर्ज हैं हम,
पर खुदगर्ज बनना अभी बाकी है,
अधूरे जो ख्वाब रह गए,
उन्हें पूरा करना अभी बाकी है,
टूट के बिखरने लगे थे हम,
पर फिर से उठने की चाहत अभी बाकी है,
कहने को तो जिंदा हैं हम,
पर जिंदगी जीना अभी बाकी है,
कहते हैं कि अपनी भी एक दुनिया है,
पर इसमे खुद को ढूढना अभी बाकी है।


37. Heart Touching hindi Poetry On life : बड़ी मुश्किल है ये ज़िन्दगी – हिंदी कविता
बड़ी मुश्किल है ये ज़िन्दगी….

यही तो गम है , जिसको संजोए रहता हूँ
जिनसे उम्मीद है , नाउम्मीद उन्हीं से रहता हूँ
कहनेको खुशियाँ हैं , दामन में बेशुमार मेरे
एक भी नहीं मिलती , जब दिल को टटोलता हूँ

कैसे साहिल तक , कश्ती को ले जाऊँ
टूट गया है सागर बीच , चप्पू मेरी नाव का
हवाएं संकेत देतीं हैं , आनेवाले तुफ़ा का
कहीं सपना अधूरा न रह जाए , किनारों का

बड़ी मुश्किल है ये ज़िन्दगी
लोग जाने यहाँ कैसे जीतें हैं
हमने तो जबभी सुकून ढ़ूंढ़ा
कशमकश के फ़साने मिलतें हैं

जरासी खुशी देकर , ज़िन्दगी लूट लेती है
अपने आकर्षण में फ़साके , गम खूब देती है
न रह पातें हैं , न निकल पातें हैं इससे
जाने कितनें जनमों का , ये हिसाब लेती है

कोई कुछ भी कहे , सभी इसी के मारें हैं
मरतें हैं कई बार , जीतें सांसों के सहारे हैं
इक दिन चुपके से चलेजातें हैं
क्या पाया क्या खोया , शुन्य में ये भी न जान पातें हैं.


कोशिश कर, हल निकलेगा – Anand Param

कोशिश कर हल निकलेगा || आनंद परम” || Motivational poem || Recited by Tanay Rathi – YouTube
“कोशिश कर, हल निकलेगा

आज नहीं तो, कल निकलेगा.

अर्जुन के तीर सा सध

मरूस्थल से भी जल निकलेगा…”


क्यों डरता है – Narendra Verma

क्यों डरता है || Best Motivational Poem By Narendra Verma || Hindi Poem || Inspirational Poem – YouTube
“कोने में बैठ कर क्यों रोता है,

यू चुप चुप सा क्यों रहता है।

आगे बढ़ने से क्यों डरता है,

सपनों को बुनने से क्यों डरता है।

तकदीर को क्यों रोता है,

मेहनत से क्यों डरता है।…”


कोशिश करने वालों की हार नहीं होती – Sohanlal Dwivedi.

Sohan Lal Dwivedi Famous Poem Koshish Karne Walon Ki Kabhi Haar Nahin Hoti – सोहन लाल द्विवेदी की वह कविता जो सोशल मीडिया पर हरिवंश राय बच्चन के नाम से मशहूर हो
“लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है

चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है

मन का विश्वास रगों में साहस भरता है

चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है

आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती…”


गिरना भी अच्छा है – Amitabh Bachchan

Amitabh Bachchan Poem : गिरना भी अच्छा है
“गिरना भी अच्छा है,

औकात का पता चलता है…

बढ़ते हैं जब हाथ उठाने को…

अपनों का पता चलता है!…”

This poem tells us that it is good to fall because then one realizes their real status. He says those who

get angry are the real people because he has seen smiling people who are scorn liars. It is hard to

understand people but we all are learning each moment.


हो गई है पीर पर्वत – Dushyant Kumar.

And Miles To Go Before I Sleep …: Aag Jalni Chahiye – Dushyant Kumar Poem
“…सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,

सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।

मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,

हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए”


अग्निपथ—Harivansh Rai Bachchan

“अग्निपथ ! अग्निपथ ! अग्निपथ !

वृक्ष हों भले खड़े,

हों घने, हों बड़े,

एक पत्र छाँह भी माँग मत, माँग मत, माँग मत!

अग्निपथ ! अग्निपथ ! अग्निपथ !…”


अनुभूतियां – Atal Bihari Vajpayee.


टूटा पहिया – Dharambir Bharti

“मैंरथ का टूटा हुआ पहिया हूंलेकिन मुझे फेंको मत!

क्या जाने कबइस दुरूह चक्रव्यूह मेंअक्षौहिणी सेनाओं को चुनौती देता हुआकोई दुस्साहसी अभिमन्यु

आकर घिर जाय!…”


रुके न तू, थके न तू –Harivansh Rai Bachchan

Ruke Na Tu Thake Na Tu- Harivansh Rai Bachchan(रुके न तू – हरिवंश राय बच्चन)
“…रुके न तू, थके न तू

झुके न तू, थमे न तू

सदा चले, थके न तू

रुके न तू, झुके न तू”


चलना हमारा काम है – Shiv Mangal Singh Suman

Chalna Hamara Kaam Hai || IAS MOTIVATION | UPSC MYTHS – YouTube
“जब आज मेरे सामने

है रास्ता इतना पड़ा

जब तक मंजिल न पा सकूं

तब तक मुझे न विराम है

चलना हमारा काम है…”

Article Categories:
Poetries

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